Dehradun में Swine Flu का Outbreak, 24 New Cases से हड़कंप
Spread the love

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मानसूनी बीमारियों का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है। बाढ़ और जलभराव के बीच अब स्वाइन फ्लू (H1N1) ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लाइव हिन्दुस्तान और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार देहरादून में सोमवार को एक ही दिन में स्वाइन फ्लू के 24 नए मामले सामने आए हैं, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को मिले 24 नए मरीजों में 16 मरीज देहरादून जिले के हैं, जबकि 8 मरीज बाहरी जिलों और राज्यों से इलाज के लिए यहां आए हैं। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मामलों की संख्या 105 हो गई है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। देहरादून जिले में स्वाइन फ्लू और डेंगू का संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है और डेंगू के मामलों की संख्या भी बढ़कर 114 हो गई है, जिसने प्रशासन की चिंता को दोगुना कर दिया है।

अकेले देहरादून में क्यों फूट रहा है बम?

उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का एपिक सेंटर देहरादून ही बना हुआ है। इससे पहले प्रदेश में सामने आए कुल 57 मामलों में से 52 मामले अकेले देहरादून में थे। नैनीताल में तीन और हरिद्वार में दो मामले मिले थे, जबकि 10 जिलों में अभी तक एक भी मामला सामने नहीं आया था।

अब स्थिति और बिगड़ गई है। दून हॉराइजन की रिपोर्ट के अनुसार देहरादून में स्वाइन फ्लू के 24 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी मौतों की दो स्तरीय जांच और दून अस्पताल में अलग फ्लू ओपीडी शुरू करने का आदेश दिया है। ज्वालापुर टाइम्स न्यूज के अनुसार फ्लू के कुल मामलों की संख्या 105 हो गई है और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इनमें 55 मरीज देहरादून से और 59 मरीज अन्य जिलों से संबंधित हैं। Pioneer Edge की रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 में भी 24 new Swine Flu cases in Doon, total reaches 105 की पुष्टि हुई है।

डेंगू की दोहरी मार

स्वाइन फ्लू के साथ ही देहरादून में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। सोमवार को हुई जांच में दो नए मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। इस तरह दून में अब स्वाइन फ्लू और डेंगू की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है, जिसे लोकल मीडिया डेंगू, स्वाइन फ्लू, कोरोना का ट्रिपल अटैक बता रहा है।

क्या हैं लक्षण?

चिकित्सीय रिपोर्टों के अनुसार, मरीजों में दिख रहे प्रमुख लक्षण तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में तीव्र खराश, शरीर में गंभीर दर्द और अत्यधिक थकान के रूप में सामने आ रहे हैं। यह स्थिति सामान्य फ्लू, कोविड-19 या वायरल ब्रोंकाइटिस से भी मिलती-जुलती हो सकती है। दून अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. विजय भंडारी के मुताबिक म्यूटेशन के चलते स्वाइन फ्लू नए रूप में सामने आया है। इसके प्रथम चरण के लक्षण दिखने में सामान्य वायरल की तरह लगते हैं लेकिन ये स्वाइन फ्लू का कारण बन सकते हैं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट – उठाए गए 3 बड़े कदम:

1. विशेष फ्लू ओपीडी: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की त्वरित जांच के लिए अलग से फ्लू ओपीडी संचालित की जा रही है।

2. आइसोलेशन वार्ड: सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष स्वाइन फ्लू क्लीनिक स्थापित करने और आइसोलेशन वार्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में 10-10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।

3. लार्वा सर्वे और फॉगिंग: डेंगू के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए आशा कार्यकत्रियों और स्वास्थ्य टीमों द्वारा घर-घर जाकर लार्वा की जांच और कीटनाशक फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है।

प्रदेश की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशक डॉ. शिखा जंगपागी ने सभी जिलों के सीएमओ को सतर्कता बरतने और अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि मौसम में बदलाव, उमस और जलभराव के कारण वायरल तेजी से फैल रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं, खांसते-छींकते समय रुमाल का इस्तेमाल करें और लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: कृपया ध्यान दें: इस बीमारी से संबंधित किसी भी लक्षण के दिखने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें और भौतिक तौर पर दवाओं के लेबल व डॉक्टर के पर्चे की जांच अवश्य करें। यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *