Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून अभी विदा होने का नाम नहीं ले रहा है। बागेश्वर में तबाही के बाद अब मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश भर में फिर से भारी बारिश का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार 10 सितंबर से 12 सितंबर के बीच देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 12 सितंबर को देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।विभाग ने बताया कि 10 सितंबर को बारिश की रफ्तार और तेज होगी। इस दिन प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना है, खास तौर पर देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 सितंबर को भी प्रदेश में बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पहाड़ी और सीमांत जिले – नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वरआज इन जिलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और गरज दर्ज की गई। बागेश्वर में तो NH-109K पूरी तरह बंद है और 12 मुख्य सड़कें ठप हैं। मौसम विभाग का कहना है कि 10 सितंबर से इन सीमांत जिलों में भी बारिश की रफ्तार तेज हो जाएगी। चमोली में तो 11, 12 और 13 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। प्रदेश में फिलहाल तीन नेशनल हाईवे समेत 177 से अधिक मार्ग मलबा आने से बंद हैं, जिनमें टिहरी में 23, उत्तरकाशी में 21 और बागेश्वर-नैनीताल में 7-7 सड़कें शामिल हैं।बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में आज स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी गई थी। मैदानी जिले – उधमसिंह नगर और हरिद्वारमैदान में उमस भरे मौसम के बीच कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। विभाग ने मैदानी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज बौछारों को लेकर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। 12 और 13 सितंबर को उधमसिंह नगर और हरिद्वार में भी भारी से अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।प्रशासन अलर्ट परराज्य आपदा प्रबंधन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अगले 3 दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और मौसम की चेतावनी का पालन करें। Post Views: 12 Post navigationबागेश्वर में बारिश का कहर: NH-109K पूरी तरह ठप, 12 मुख्य सड़कें बंद, बघर गांव में भू-धंसाव से दहशत