Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को देहरादून स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पूछताछ वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में की गई। ED ने रावत से पुराने आयकर रिटर्न, परिवार की संपत्तियों और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी। रावत करीब छह घंटे तक ED कार्यालय में रहे। वह अपनी मां की तस्वीर गले में डालकर कार्यालय पहुंचे। बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं। रावत ने मामले को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए और कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई का राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई और आरोपों का अंतिम कानूनी निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। यह कार्रवाई ED की ओर से 10 सितंबर को रावत के तत्कालीन OSD और वर्तमान PA चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर की गई तलाशी के बाद हुई। ED के अनुसार तलाशी के दौरान नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुईं तथा कुछ बैंक खातों को फ्रीज किया गया। हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा इस बीच हरीश रावत ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हरिद्वार से अपने पुराने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक बार फिर विधानसभा में हरिद्वार का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। रावत 2009 से 2014 तक हरिद्वार लोकसभा सीट से सांसद रहे थे। रावत ने हरिद्वार के लोगों से अपने लंबे संबंधों और क्षेत्र के लिए अपनी योजनाओं का भी उल्लेख किया है। हालांकि, चुनाव में उनकी उम्मीदवारी का अंतिम निर्णय पार्टी स्तर पर होना है। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 12 Post navigation डोईवाला में Illegal Plotting पर MDDA का Action, 4 मामलों में Demolition Orders जारी प्रेम-प्रसंग के शक में युवक ने पड़ोसी को मारी गोली, बहन पर भी बरसाईं गोलियां