Spread the loveहरिद्वार। सोमवार, 28 सितंबर 2026 को हरिद्वार नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामे और नारेबाजी के बीच चर्चा में रही। टाउन हॉल सभागार में आयोजित बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने पिछली बोर्ड बैठकों में पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। विरोध के दौरान पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों की प्रतियां सदन में जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। कांग्रेस पार्षदों का कहना था कि पिछली बैठकों में जनहित और शहर से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए थे, लेकिन उनके अनुसार उन प्रस्तावों पर अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। पार्षदों ने अधिकारियों से पुराने प्रस्तावों की स्थिति स्पष्ट करने और लंबित कार्यों को लेकर जवाब देने की मांग की। विरोध के दौरान सदन में नारेबाजी और तीखी बहस का माहौल बन गया। हंगामे के चलते बोर्ड बैठक की सामान्य कार्यवाही प्रभावित हुई। रोपवे के प्रस्ताव पर भी बहस बैठक में मनसा देवी मंदिर रोपवे के संचालन से जुड़ा एक प्रस्ताव भी चर्चा का विषय रहा। रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी उषा ब्रेको की ओर से समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच बहस हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस मुद्दे पर सत्तापक्ष के कुछ पार्षदों की ओर से भी आपत्ति जताई गई। बाद में बोर्ड ने कंपनी के समय सीमा बढ़ाने के अनुरोध को निरस्त कर दिया। वहीं, बैठक के दौरान भाजपा पार्षदों ने भी शहर की स्थानीय समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। इनमें बंदरों का बढ़ता आतंक, आवारा पशुओं की समस्या और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल रहे। 12 मनोनीत पार्षदों ने ली शपथ बोर्ड बैठक की शुरुआत से पहले कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने नगर निगम के 12 मनोनीत पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद बोर्ड की कार्यवाही शुरू हुई। बैठक में मेयर किरन जैसल और मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार समेत नगर निगम के अधिकारी और पार्षद मौजूद रहे। हालांकि कार्यवाही शुरू होने के बाद विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में विरोध और बहस बढ़ती गई। लगातार हंगामे और गतिरोध के बीच बैठक की कार्यवाही प्रभावित हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्थिति को देखते हुए मेयर की ओर से बैठक स्थगित कर दी गई। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 9 Post navigation उत्तरकाशी में मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें, ऑडेन कोल से 29 ट्रैकर्स का सफल एयरलिफ्ट चीरबासा में Landslide से केदारनाथ यात्रा प्रभावित, 1500 श्रद्धालुओं का Rescue