दो सुमित, एक वोट का अंतर और फिर पर्ची से फैसला, अल्मोड़ा में छात्रसंघ चुनाव का अनोखा मामला
Spread the love

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना (SSJ) परिसर में छात्रसंघ चुनाव के उपाध्यक्ष पद का मुकाबला ऐसा मोड़ ले गया, जिसकी चर्चा पूरे परिसर में होती रही। पहले चरण की मतगणना में महज एक वोट के अंतर से परिणाम सामने आया, लेकिन आपत्ति के बाद हुई दोबारा मतगणना में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के वोट बराबर हो गए। इसके बाद पर्ची निकालकर विजेता का फैसला किया गया।

उपाध्यक्ष पद के चुनाव में इस बार नामों का संयोग भी चर्चा का कारण बना। मैदान में सुमित जोशी नाम के दो प्रत्याशी थे। एक सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी और दूसरे सुमित जोशी पुत्र चंद्रशेखर जोशी। दोनों का नाम समान होने के कारण मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति न बने, इसके लिए मतपत्र पर दोनों प्रत्याशियों की पहचान उनके पिता के नाम से स्पष्ट की गई।

29 सितंबर 2026 को हुई पहली मतगणना में भाष्कर जोशी को 959 वोट मिले। वहीं सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी को 958 वोट मिले, जबकि सुमित जोशी पुत्र चंद्रशेखर जोशी के खाते में 51 वोट आए। इस तरह भाष्कर जोशी को केवल एक वोट के अंतर से विजेता घोषित किया गया।

एक वोट से परिणाम आने के बाद सुमित जोशी के समर्थकों ने मतगणना पर आपत्ति जताई। समर्थकों ने दोबारा मतगणना कराने की मांग की। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए रिकाउंटिंग कराने का निर्णय लिया।

देर रात हुई दोबारा मतगणना में मामला फिर पलट गया। रिकाउंटिंग में भाष्कर जोशी और सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी के बीच मतों की बराबरी सामने आई। इसके बाद मुकाबला सीधे तौर पर टाई हो गया।

बराबर मत मिलने के बाद विजेता तय करने के लिए चुनाव प्रक्रिया के तहत लॉटरी यानी पर्ची निकालने की प्रक्रिया अपनाई गई। दोनों प्रत्याशियों के नाम की पर्चियां तैयार की गईं और उनमें से एक पर्ची निकाली गई। इस प्रक्रिया में सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी के नाम की पर्ची निकली। इसके बाद उन्हें उपाध्यक्ष पद पर विजेता घोषित किया गया।

परिणाम बदलने के बाद परिसर में समर्थकों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक ओर सुमित जोशी के समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया, वहीं भाष्कर जोशी के समर्थकों की ओर से प्रक्रिया को लेकर विरोध दर्ज कराया गया।

इस तरह SSJ परिसर का यह चुनाव एक वोट के अंतर, रिकाउंटिंग में बराबरी और अंत में पर्ची से हुए फैसले के कारण छात्रसंघ चुनाव के चर्चित मुकाबलों में शामिल हो गया।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *