उत्तराखंड में SIR के बाद नई मतदाता सूची जारी, 12.70 लाख नाम कम
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देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 के बाद नई मतदाता सूची जारी कर दी गई है। अंतिम सूची के अनुसार राज्य में अब कुल 71,58,949 मतदाता पंजीकृत हैं। जनवरी 2025 की पिछली मतदाता सूची की तुलना में इस बार करीब 12.70 लाख मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।

निर्वाचन विभाग की ओर से चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में दर्ज नामों का घर-घर सत्यापन किया गया। इस प्रक्रिया में मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए लोगों और लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान की गई।

अभियान के दौरान करीब 8.26 लाख नाम ASD श्रेणी यानी Absent, Shifted और Dead से जुड़े पाए गए। इसके अलावा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं के नामों की भी जांच की गई। सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं को सूची में बनाए रखा गया, जबकि नियमों के तहत अपात्र या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए।

पहाड़ों से पलायन भी बड़ी वजह

उत्तराखंड में मतदाता सूची में बदलाव के पीछे राज्य से होने वाला पलायन भी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से रोजगार, शिक्षा और अन्य कारणों से बड़ी संख्या में लोग मैदानी क्षेत्रों अथवा दूसरे राज्यों में चले गए हैं। ऐसे मामलों में पुराने पते पर दर्ज मतदाता विवरण का सत्यापन किया गया।

नई सूची के सामने आने के बाद आगामी चुनावों के लिहाज से इसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि केवल मतदाताओं की संख्या घटने के आधार पर किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में चुनावी असर का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। वास्तविक प्रभाव मतदान प्रतिशत, उम्मीदवारों, स्थानीय मुद्दों और निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता बदलाव के बाद ही स्पष्ट होगा।

निर्वाचन विभाग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि पात्र मतदाताओं को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के साथ-साथ मृत, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले नामों को हटाया जा सके।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI

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