Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर कहर बनकर टूट रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 6 सितंबर को राज्य के सभी 13 जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में अगले 24 घंटों में isolated heavy rainfall की प्रबल संभावना है, कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने साफ कहा है कि रेड कलर वार्निंग का मतलब है – “Take Action” यानी तुरंत सतर्कता बरतने की जरूरत है।मौसम विभाग ने उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले चार दिनों तक उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ अत्यधिक तीव्र बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है।पहाड़ से मैदान तक आफतलगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।चमोली और जोशीमठ में हालात गंभीर: लगातार बारिश के कारण पवित्र हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है। जोशीमठ और आसपास के निचले इलाकों में नालों का पानी उफान पर है और कई घरों में पानी घुस गया है। लोग रात भर जागकर पानी निकालने को मजबूर हैं।उत्तरकाशी में बाल-बाल बचा हादसा: गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नालूपानी के पास पहाड़ी से अचानक भारी बोल्डर गिर गए। गनीमत रही कि उस समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। बोल्डर गिरने से हाईवे कई घंटों तक बाधित रहा। BRO की टीम मलबा हटाने में जुटी है।पिथौरागढ़ का संपर्क कटा: सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। चौदास घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। सोबला-ढांकर सड़क पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया है। घाटी के गांवों में राशन और जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।हल्द्वानी में पेयजल संकट: कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में बारिश आफत के साथ एक और संकट लेकर आई है। बारिश और मलबे के कारण शहर की मुख्य पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पिछले दो दिनों से शहर की अधिकांश कॉलोनियों में नल सूखे पड़े हैं। लोग टैंकरों के भरोसे हैं और टैंकरों के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही है। नैनीताल और अल्मोड़ा समेत 6 जिलों में IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है।देहरादून और टिहरी: राजधानी देहरादून में भी सुबह से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित है। टिहरी जिले में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।प्रशासन अलर्ट परराज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। SDRF, NDRF और पुलिस की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भूस्खलन वाले इलाकों में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जाए और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।जनता के लिए एडवाइजरीमौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में सफर टाल दें। नदी-नालों के किनारे न जाएं। आकाशीय बिजली चमकते समय पेड़ों के नीचे और खुले मैदान में खड़े होने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में 112 या जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें।फिलहाल मानसून का यह दौर अगले 2-3 दिनों तक जारी रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। Post Views: 3 Post navigationवास्तु एवं पौरोहित्य भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण आयाम : डॉ. पंकज सेमल्टी Uttarakhand में Madrasa पर Action, 5 Sealed Total 20 Closed