Spread the loveडोईवाला (देहरादून) – लाइव रिपोर्ट: धान की सिंचाई के पीक सीजन में डोईवाला क्षेत्र में खाद का भारी संकट गहरा गया है। आज भी कृषि कार्यालय और सहकारी सोसायटियों के बाहर किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। सरकारी समितियों में खाद का स्टॉक पूरी तरह खत्म होने से किसान परेशान हैं और खेतों में समय पर खाद न डाल पाने से फसल खराब होने की आशंका से आक्रोशित हैं।सोसायटियों में ताले, स्टॉक जीरोडोईवाला क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों और सोसायटियों में यूरिया और डीएपी का स्टॉक खत्म हो चुका है। किसान सुबह से ही समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह एक ही जवाब मिल रहा है – “खाद नहीं है।”किसानों का कहना है कि वर्तमान में धान सहित अन्य फसलों को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होने से समय पर खाद डालने में भारी परेशानी हो रही है। यदि अगले 2-3 दिन में खाद नहीं मिली तो पूरी फसल चौपट हो सकती है।कृषि कार्यालय का घेरावनाराज किसानों ने आज डोईवाला कृषि कार्यालय और किसान भवन पर धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।किसानों ने कृषि अधिकारी का घेराव कर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खाद आपूर्ति दुरुस्त नहीं की गई तो वे सहकारी समितियों में तालाबंदी करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।किसान नेता मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार किसान विरोधी नीतियां अपना रही है। किसान पहले से ही महंगाई और लागत न मिलने से जूझ रहे हैं, ऊपर से खाद न मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।सीएम को भेजा ज्ञापनप्रदर्शन के बाद किसानों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और तत्काल खाद उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि डोईवाला शुगर बेल्ट है, यहां हजारों हेक्टेयर में धान और गन्ना लगा है। समय पर खाद नहीं मिली तो किसान कर्ज में डूब जाएंगे।सहकारी समिति के अध्यक्ष करण सिंह रंधावा ने भी किसानों का समर्थन किया और कहा कि शासन से कई बार मांग की गई है, लेकिन आपूर्ति करने वाली एजेंसियों ने स्टॉक नहीं भेजा।क्या बोले अधिकारी?कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रैक नहीं आने से संकट पैदा हुआ है। अगले 48 घंटों में खाद की नई खेप आने की उम्मीद है। तब तक किसानों से संयम बरतने की अपील की गई है।लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि हर साल इसी सीजन में यही कहानी दोहराई जाती है। सरकारी सिस्टम फेल है और कालाबाजारी करने वाले निजी दुकानदार दोगुने दाम पर खाद बेच रहे हैं।फिलहाल डोईवाला में खाद संकट को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है और आंदोलन और तेज होने के आसार हैं। Post Views: 2 Post navigationअधिवक्ता विशाल अग्रवाल से कथित मारपीट के विरोध में कोतवाली पहुंचे अधिवक्ता