उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: ऊधमसिंह नगर में स्कूल बंद, 5 जिलों में Yellow Alert; भूस्खलन का खतरा बढ़ा
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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर ऊधमसिंह नगर जिले में 21 अगस्त को सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन के इस फैसले का उद्देश्य बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लगातार बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर परिस्थितियों के अनुसार प्रशासन द्वारा आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं।

पांच जिलों में Yellow Alert

मौसम विभाग ने प्रदेश के टिहरी, देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में भारी बारिश को लेकर Yellow Alert जारी किया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम का असर आगामी दिनों में भी बने रहने की संभावना है और 24 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश होने की स्थिति में छोटे नदी-नालों और बरसाती गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा भूस्खलन का रहता है। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी कमजोर होने के कारण बारिश के बाद अचानक मलबा और पत्थर सड़क पर आ सकते हैं। इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों और प्रशासन की ओर से बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी मार्ग पर भूस्खलन या मलबा आने की सूचना हो तो यात्रियों को वहां से निकलने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।

नदी-नालों से दूर रहने की अपील

बारिश के दौरान उत्तराखंड के नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। कई बार पहाड़ों में हुई बारिश का असर कुछ समय बाद मैदानी क्षेत्रों की नदियों और बरसाती नालों में दिखाई देता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और बरसाती गदेरों के किनारे जाने से बचने की अपील की है। लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

बारिश के इस दौर में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। यात्रा के दौरान यदि कहीं सड़क पर मलबा या पानी जमा दिखाई दे तो सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर होगा।

खासकर रात के समय पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि अंधेरे में सड़क पर गिरे पत्थर, मलबा या पानी का बहाव समय रहते दिखाई नहीं देता।

प्रशासन और आपदा तंत्र अलर्ट

भारी बारिश की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने की जरूरत है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और मौसम तथा प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

24 अगस्त तक सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में बारिश का असर 24 अगस्त तक बना रह सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लगातार बारिश की स्थिति में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरोध का खतरा बढ़ सकता है।

उत्तराखंड में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। ऐसे में सुरक्षित यात्रा, नदी-नालों से दूरी और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है।