उत्तराखंड में मौसम का तांडव: राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश, सड़कों पर सैलाब जैसे हालात
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देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखा रहा है। राजधानी देहरादून समेत टिहरी, पौड़ी और कई अन्य जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। देहरादून में शाम के समय हुई तेज बारिश के बाद शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं और कुछ स्थानों पर सड़कें नदी की तरह बहती नजर आईं।

पिछले कुछ दिनों से राज्य में बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग ने 14 से 17 अगस्त के बीच उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी। 16 अगस्त को देहरादून, चंपावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा अन्य जिलों के लिए भी चेतावनी जारी की गई थी।

एक घंटे की बारिश ने बिगाड़ी शहर की तस्वीर

देहरादून में शाम के समय तेज बारिश ने शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी। कम समय में हुई तेज बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया। नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पानी का दबाव संभाल नहीं पाए, जिसके चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति दिखाई दी।

तेज बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी का बहाव इतना अधिक रहा कि कई स्थानों पर वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

टिहरी और पौड़ी में भी बारिश का असर

टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में भी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में परेशानी बढ़ी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे मौसम में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग की चेतावनियों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है।

आंधी और तेज हवाओं का भी खतरा

बारिश के साथ कई जिलों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। 18 अगस्त के पूर्वानुमान में नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की संभावना बताई गई है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के झोंके चल सकते हैं।

17 अगस्त के बाद राहत या फिर जारी रहेगा बारिश का दौर?

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों में 14 से 17 अगस्त तक उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय रहने और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।

हालांकि, बारिश के तेवर में कुछ कमी आने की उम्मीद के बावजूद 18 अगस्त को भी राज्य के कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी बनी हुई है। इसलिए फिलहाल पूरी तरह राहत मान लेना जल्दबाजी होगी।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, बरसाती गदेरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

करारा सवाल:
हर साल मानसून में देहरादून की सड़कें और नालियां बारिश के पानी के सामने क्यों बेबस नजर आती हैं? क्या शहर के ड्रेनेज सिस्टम को केवल बारिश के बाद ही याद किया जाएगा, या प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान भी तलाशेगा?