Spread the loveउत्तराखंड में चर्चित हो चुके पूर्व पुलिसकर्मी शेर सिंह प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर उनके वायरल वीडियो के बाद कुमाऊं रेंज की आईजी निवेदिता कुकरेती ने प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से शेर सिंह के दावों को खारिज करते हुए उनका आपराधिक और विभागीय रिकॉर्ड सार्वजनिक किया। पुलिस के अनुसार, शेर सिंह के खिलाफ हरिद्वार के गंगनहर थाने में वर्ष 2025 में गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि के साथ कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और जमीन कब्जाने के मामले में एफआईआर संख्या 415/2025 दर्ज है। पुलिस का कहना है कि उन्हें 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और बाद में नवंबर 2025 में हाईकोर्ट से जमानत मिली। विभाग ने यह भी बताया कि पिथौरागढ़ में तैनाती के दौरान शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना अनुमति अनुपस्थित थे, जिसके चलते 20 जुलाई 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि वह पहले से निलंबित हैं और उनकी बर्खास्तगी की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए उनके द्वारा दिया गया कथित इस्तीफा कानूनी रूप से प्रभावी नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर, शेर सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी एक नए वीडियो में पुलिस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से पुराने मामलों को सामने लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपराधी और हिस्ट्रीशीटर साबित करने की कोशिश की जा रही है तथा समय आने पर वह स्वयं अधिकारियों और भ्रष्ट नेताओं की कथित “हिस्ट्रीशीट” जनता के सामने रखेंगे। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड पुलिस ने शेर सिंह के हालिया बयानों को अनुशासनहीन और भड़काऊ बताते हुए उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही है। ध्यान दें: यह मामला अभी आरोप-प्रत्यारोप के चरण में है। पुलिस के आरोपों और शेर सिंह के दावों की अंतिम सत्यता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित जांच के बाद ही होगा। Post Views: 9 Post navigation उत्तराखंड के यूट्यूबर UK07 Rider विवादों में, पत्नी और उनके दोस्त पर लगाए गंभीर आरोप देहरादून में नकली दवाओं की फैक्ट्री का भंडाफोड़, एफएसडीए और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई