देहरादून में भारी बारिश का खतरा: 18 अगस्त को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश, प्रशासन अलर्ट
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देहरादून | उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के बीच मौसम विभाग ने राज्य में अगले कई दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। 18 अगस्त को भी उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।

देहरादून के लिए मौसम विभाग ने भी 18 अगस्त को भारी बारिश/गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन व पत्थर गिरने के खतरे को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा है।

18 अगस्त को स्कूलों में अवकाश

भारी बारिश और मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए देहरादून जिले में 18 अगस्त 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इसका उद्देश्य बच्चों को खराब मौसम के बीच घर से स्कूल और स्कूल से घर आने-जाने के दौरान संभावित जोखिम से बचाना है। बारिश के दौरान जलभराव, सड़क पर मलबा, पेड़ गिरने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।

क्यों लिया गया सुरक्षा का फैसला?

देहरादून में बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा जिले के पर्वतीय हिस्सों और संवेदनशील सड़कों पर भूस्खलन तथा पत्थर गिरने की घटनाएं यातायात को प्रभावित कर सकती हैं।

मौसम विभाग ने 18 अगस्त के लिए विशेष रूप से निचले इलाकों में जलभराव, नालों और छोटी धाराओं के उफान तथा संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन और रॉकफॉल की आशंका जताई है।

ऐसे में सुबह स्कूल जाने के समय और दोपहर बाद वापस लौटने के दौरान अचानक तेज बारिश होने पर बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

देहरादून में भारी बारिश का असर

राजधानी देहरादून में थोड़े समय की तेज बारिश भी कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। सड़क पर पानी भरने के साथ नालियों और छोटे जलस्रोतों में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

विशेषकर मालदेवता, सहस्रधारा, रायपुर क्षेत्र और पहाड़ी संपर्क मार्गों पर बारिश के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत रहती है। ऐसे इलाकों में भूस्खलन अथवा सड़क पर मलबा आने की स्थिति में आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

19 और 20 अगस्त को भी मौसम खराब रहने के आसार

खराब मौसम का असर केवल 18 अगस्त तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। IMD के 17 अगस्त के पूर्वानुमान में 19 और 20 अगस्त को भी उत्तराखंड में भारी बारिश, गरज-चमक और तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।

जिला-स्तरीय पूर्वानुमान में 19 अगस्त को बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना बताई गई है, जबकि 20 अगस्त को बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

इसका मतलब साफ है कि अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से संवेदनशील रह सकते हैं।

चारधाम और पहाड़ी यात्रा करने वालों के लिए भी चेतावनी

IMD के देहरादून मौसम केंद्र ने चारधाम अथवा अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। लगातार या भारी बारिश के दौरान यात्रियों को ढलानों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।

ऐसे मौसम में यात्रियों को सड़क की स्थिति जाने बिना आगे बढ़ने से बचना चाहिए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन रोकना या सड़क किनारे खड़े होकर फोटो लेना भी जोखिम भरा हो सकता है।

नदी-नालों के पास जाने से बचें

बारिश के दौरान नदी, नाले और छोटी धाराएं अचानक उफान पर आ सकती हैं। सामान्य दिखाई देने वाला जलस्रोत कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है।

इसलिए प्रशासन की ओर से लोगों से अपील है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और बच्चों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रखें।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

भारी बारिश के दौरान अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

  • स्कूल बंदी की सूचना अपने विद्यालय के आधिकारिक WhatsApp/मैसेज ग्रुप से जरूर जांचें।
  • बच्चों को बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने दें।
  • यदि घर के आसपास पानी भर रहा हो तो सुरक्षित स्थान पर रहें।
  • पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखें।
  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र से संपर्क करें।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

देहरादून के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती भारी बारिश के दौरान जलभराव, ट्रैफिक, भूस्खलन और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से निपटने की है। स्कूलों को बंद रखने का फैसला बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है, लेकिन बारिश बढ़ने पर प्रशासन को शहर के निचले इलाकों और पर्वतीय संपर्क मार्गों पर भी लगातार निगरानी रखनी होगी।

जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जिला प्रशासन और जिलाधिकारी कार्यालय की संपर्क जानकारी उपलब्ध है। जिलाधिकारी कार्यालय का फोन नंबर 0135-2622389 दिया गया है।

 

बारिश के इस दौर में कुछ घंटों की सावधानी कितनी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है? मौसम विभाग जब लगातार भारी बारिश, बिजली और भूस्खलन की आशंका जता रहा है, तो ऐसे में बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देना ही सबसे बड़ा बचाव है।

अगले 24 से 72 घंटे देहरादून समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए बेहद सतर्क रहने वाले हैं। मौसम साफ होने तक सावधानी ही सुरक्षा है।