उत्तराखंड में आयुष सेतु पोर्टल लॉन्च: योग-वेलनेस सेंटरों को मिलेगी स्टार रेटिंग, घर बैठे मिलेगी सब्सिडी और YCB फीस वापसी, मंत्री मदन कौशिक बोले - बिचौलियों का खेल खत्म
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देहरादून,। उत्तराखंड सरकार ने राज्य को विश्व की वैश्विक योग और वेलनेस राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में सबसे बड़ा डिजिटल सुधार किया है। आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को देहरादून के आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा निदेशालय परिसर में महत्वाकांक्षी ‘आयुष सेतु’ पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इस पोर्टल को उत्तराखंड के आयुष इकोसिस्टम के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।

कार्यक्रम में आयुष विभाग के निदेशक डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी, पतंजलि, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में योग गुरुओं और वेलनेस सेंटर संचालकों ने भाग लिया।

बिचौलियों का खेल खत्म, अब सब कुछ ऑनलाइन

पोर्टल लॉन्च करते हुए मंत्री मदन कौशिक ने कहा, “पहले एक योग सेंटर खोलने के लिए युवाओं को देहरादून में निदेशालय के 10 चक्कर काटने पड़ते थे। फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल पर महीनों घूमती थी। पारदर्शिता का अभाव था। आयुष सेतु इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर देगा। अब पंजीकरण से लेकर सब्सिडी तक सब कुछ एक क्लिक पर होगा। यह सुशासन और डिजिटल उत्तराखंड की दिशा में हमारा ठोस कदम है।”

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड योग की जन्मभूमि है। ऋषिकेश को पूरी दुनिया योग की राजधानी के रूप में जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है, अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे रोजगार से जोड़ें। यह पोर्टल उसी कड़ी का हिस्सा है।

क्या है आयुष सेतु पोर्टल?

आयुष सेतु सिर्फ एक वेबसाइट नहीं, बल्कि आयुष विभाग का सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म है। अभी तक आयुष, योग और वेलनेस के लिए अलग-अलग जगह आवेदन करना पड़ता था। योग नीति के लिए अलग, आयुष नीति के लिए अलग। अब योग नीति-2025 और आयुष नीति-2023 से जुड़ी हर सेवा को इस एक पोर्टल पर इंटीग्रेट कर दिया गया है। इसे एक डिजिटल सेतु के रूप में विकसित किया गया है जो सरकार, योग प्रोफेशनल और आम जनता को जोड़ेगा।

पोर्टल की 7 क्रांतिकारी सुविधाएं

सरकार ने इस पोर्टल में 7 मुख्य सुविधाएं दी हैं जो सीधे तौर पर युवाओं और वेलनेस उद्यमियों को फायदा पहुंचाएंगी:

1. ऑनलाइन पंजीकरण और प्रमाणन: राज्य के सभी वेलनेस सेंटर, आयुर्वेदिक स्पा, पंचकर्म केंद्र, यूनानी सेंटर और व्यक्तिगत योग ट्रेनर का पंजीकरण अब 100% ऑनलाइन होगा। दस्तावेज अपलोड करते ही वेरिफिकेशन शुरू हो जाएगा। इससे फर्जी और बिना मान्यता वाले सेंटरों पर पूरी तरह रोक लगेगी, जो अक्सर पर्यटकों को ठगते हैं।

2. नीतियों का एकीकृत लाभ: योग नीति-2025 के तहत हिमालयी राज्यों में योग केंद्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी तरह आयुष नीति-2023 के तहत विनिर्माण इकाइयों को लाभ मिलता है। अब दोनों नीतियों के लाभ के लिए अलग-अलग भटकना नहीं पड़ेगा। एक ही आईडी से आप दोनों नीतियों के लिए पात्रता चेक कर सकते हैं।

3. कैपिटल सब्सिडी के लिए सीधा आवेदन: यह सबसे बड़ा आकर्षण है। अगर कोई युवा पहाड़ी जिले जैसे चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में नया योग या वेलनेस सेंटर खोलता है तो सरकार उसे लागत का 40 से 50 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी देगी। मैदानी जिलों में भी 25-35% सब्सिडी का प्रावधान है। इसके लिए पहले जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगते थे, अब सीधे पोर्टल पर आवेदन होगा और पैसा सीधे DBT के माध्यम से खाते में आएगा।

4. फीस रीइंबर्समेंट – जेब से नहीं लगेगा पैसा: अक्सर गरीब युवा YCB यानी योग सर्टिफिकेशन बोर्ड की परीक्षा की फीस 10-15 हजार रुपये होने के कारण परीक्षा नहीं दे पाते। अब सरकार ने घोषणा की है कि YCB परीक्षा शुल्क और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से योग ट्रेनर ट्रेनिंग की फीस सरकार वापस करेगी। पोर्टल पर बिल अपलोड करते ही 30 दिन के अंदर फीस रीइंबर्स हो जाएगी।

5. शोध के लिए अनुदान: आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों पर शोध, योग से डायबिटीज या ब्लड प्रेशर पर असर जैसे विषयों पर रिसर्च करने के लिए सरकार 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का अनुदान देगी। शोधार्थी अपना प्रपोजल पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

6. लाइव एप्लीकेशन ट्रैकिंग: आपका आवेदन किस अधिकारी के पास लंबित है, उस पर क्या टिप्पणी लिखी गई है, यह सब आप अपने मोबाइल पर देख सकेंगे। हर स्टेज पर SMS और WhatsApp अलर्ट भी आएगा। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।

7. स्टार रेटिंग – अब ठगी नहीं चलेगी: यह इस पोर्टल की सबसे यूनिक विशेषता है। सरकार की क्वालिटी काउंसिल की टीम हर रजिस्टर्ड सेंटर का फिजिकल ऑडिट करेगी। साफ-सफाई, ट्रेनर की डिग्री, आपातकालीन सुविधाएं, फायर सेफ्टी और ग्राहकों के फीडबैक के आधार पर सेंटर को 1 से 5 स्टार रेटिंग दी जाएगी। यह रेटिंग पोर्टल पर सार्वजनिक होगी। विदेशी पर्यटक आने से पहले ही देख सकेंगे कि कौन सा सेंटर 5 स्टार है। इससे अच्छे सेंटरों को ज्यादा बिजनेस मिलेगा।

उत्तराखंड को क्या मिलेगा फायदा?

उत्तराखंड में हर साल लाखों विदेशी पर्यटक योग और आयुर्वेद के लिए आते हैं। लेकिन फर्जी सेंटरों के कारण राज्य की बदनामी भी होती है। स्टार रेटिंग और अनिवार्य पंजीकरण से उत्तराखंड की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो साल में वेलनेस टूरिज्म से राज्य की आय को दोगुना किया जाए और 10 हजार युवाओं को इस सेक्टर में स्वरोजगार दिया जाए।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन? 4 स्टेप में समझें

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट Ayush Wellness Uttarakhand पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘Citizen Registration’ पर क्लिक करें और आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन करें।
  3. अपनी कैटेगरी चुनें – वेलनेस सेंटर / योग प्रोफेशनल / शोधकर्ता।
  4. जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, पैन, शैक्षिक प्रमाण पत्र और सेंटर के फोटो अपलोड करें और सबमिट कर दें।

आवेदन के 15 कार्य दिवस के अंदर वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा और आपको डिजिटल सर्टिफिकेट मिल जाएगा।

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