Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश एक बार फिर आफत बनती दिखाई दे रही है। राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को मूसलाधार बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़कें बाधित हो गई हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश को लेकर Yellow Alert जारी किया है।बारिश का सबसे ज्यादा असर देहरादून के कई इलाकों में देखने को मिला। टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। वहीं, उमेदपुर गोल चक्कर के पास नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक डंपर बह गया। घटना के बाद आसपास के इलाकों में लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।टपकेश्वर में बढ़ा तमसा नदी का जलस्तररविवार सुबह लगातार हुई बारिश के बाद टपकेश्वर क्षेत्र में तमसा नदी अचानक उफान पर आ गई। नदी का पानी तेज गति से बहने लगा, जिससे आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। कुछ समय के लिए संतोषी माता मंदिर की ओर जाने वाला संपर्क भी प्रभावित हुआ।हालांकि बाद में नदी का जलस्तर कम हुआ और किसी बड़े जनहानि की सूचना सामने नहीं आई। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने नदी के आसपास रहने तथा आवाजाही करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।तमसा नदी का जलस्तर बढ़ना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टपकेश्वर क्षेत्र में नदी मंदिर परिसर के बेहद करीब से होकर गुजरती है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से यहां पहले भी खतरे की स्थिति पैदा होती रही है।टपकेश्वर मंदिर के मुख्य गेट के पास गिरा पेड़भारी बारिश के बीच टपकेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गेट के पास रविवार तड़के करीब तीन बजे पुराने आम के पेड़ का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया।पेड़ की चपेट में आने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ गिरने के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ा।घटना की सूचना मिलने के बाद आपदा नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी गई। इसके बाद पेड़ के हिस्से को काटकर सड़क से हटाया गया और यातायात को सामान्य कराया गया। हालांकि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर भी समस्या सामने आई।स्थानीय स्तर पर प्रशासन से पेड़ के बचे हुए हिस्से को भी जल्द हटाने और बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की गई है।उमेदपुर में नदी के तेज बहाव में बहा डंपरदेहरादून में बारिश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उमेदपुर गोल चक्कर के पास तमसा नदी के तेज बहाव में एक डंपर बह गया।बारिश के बाद नदी का बहाव अचानक तेज हो गया था। ऐसे में नदी और बरसाती नालों के आसपास जाने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने और मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।सात जिलों में Yellow Alertमौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है।वहीं देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए Yellow Alert जारी किया गया है।मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। पहाड़ी जिलों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और मलबा आने की आशंका बढ़ जाती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि हो सकती है।80 से ज्यादा सड़कें बंद, पहाड़ों में बढ़ी परेशानीलगातार बारिश का सबसे बड़ा असर पर्वतीय सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 80 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद बताई गई हैं।पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह मलबा आने के कारण सड़कें बाधित हुई हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ यात्रियों और पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सड़कें बंद होने के बाद संबंधित विभागों की टीमें मार्ग खोलने के काम में जुटी हैं। हालांकि लगातार बारिश होने की स्थिति में एक मार्ग खुलने के बाद दोबारा मलबा आने की चुनौती भी बनी रहती है।पहाड़ी इलाकों में Landslide का खतराउत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आता है। लगातार पानी गिरने से पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।ऐसे में देहरादून से मसूरी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही निकलने की सलाह दी जाती है।बारिश के दौरान सड़क पर मलबा, पत्थर या पेड़ गिरने की घटनाएं अचानक हो सकती हैं। इसलिए संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर विशेष सतर्कता जरूरी है।नदी-नालों के आसपास न जाएंतमसा नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और डंपर बहने की घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है।अक्सर बारिश किसी एक स्थान पर कम होती है, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश का पानी अचानक नीचे आने से नदी का जलस्तर कुछ ही मिनटों में बढ़ सकता है।इसलिए लोगों को नदी, बरसाती नालों और पुलों के आसपास सेल्फी लेने या घूमने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों और पर्यटकों को ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है।टपकेश्वर में आने वाला धार्मिक आयोजन भी महत्वपूर्णटपकेश्वर महादेव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा 26 अगस्त को मंदिर की शोभायात्रा प्रस्तावित होने की जानकारी भी सामने आई है।ऐसे में बारिश और तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौती रहेगी। बिजली व्यवस्था, पेड़ों की स्थिति, सड़क और नदी के जलस्तर पर निगरानी रखना महत्वपूर्ण होगा।प्रशासन के सामने कई चुनौतियांबारिश के कारण एक तरफ सड़कें बंद हो रही हैं तो दूसरी तरफ नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।ऐसे में प्रशासन के सामने राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने, बंद सड़कों को जल्द खोलने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने और लोगों को समय पर चेतावनी देने की चुनौती है।विशेष रूप से उन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना जरूरी है जहां पहले भूस्खलन, जलभराव या नदी के उफान जैसी घटनाएं हो चुकी हैं।लोगों से सतर्क रहने की अपीलमौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।बारिश के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने, तेज बहाव वाले पानी को पार करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन रोकने से बचना चाहिए।उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है और सात जिलों में भारी बारिश का Yellow Alert जारी होने के कारण अगले कुछ घंटों में भी मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। ऐसे में प्रशासन की सतर्कता के साथ आम लोगों की सावधानी भी बेहद जरूरी है। Post Views: 3 Post navigationउत्तराखंड में बारिश का कहर – 7 जिलों में येलो अलर्ट, 9 सड़कें बंद, मसूरी मार्ग पर नो-एंट्री उत्तराखंड में आयुष सेतु पोर्टल लॉन्च: योग-वेलनेस सेंटरों को मिलेगी स्टार रेटिंग, घर बैठे मिलेगी सब्सिडी और YCB फीस वापसी, मंत्री मदन कौशिक बोले – बिचौलियों का खेल खत्म