Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर है कि आज राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 49 हो गए हैं, जिनमें से अकेले अगस्त महीने में 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिला राजधानी देहरादून है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) देहरादून डॉ. मनोज शर्मा ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए जनता से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।देहरादून में सबसे ज्यादा केसस्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 अगस्त से 26 अगस्त तक प्रदेश में कुल 49 लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 34 मरीज अकेले देहरादून जिले के हैं, जबकि 15 मरीज अन्य जिलों और राज्यों से इलाज के लिए दून आए हैं।एक दिन में 9 नए केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमा और भी ज्यादा सतर्क हो गया है।CMO डॉ. मनोज शर्मा के मुताबिक मरने वाले 5 मरीज पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। उन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन और किडनी जैसी बीमारियां थीं, जिसके चलते H1N1 संक्रमण घातक साबित हुआ। हालांकि विभाग ने सभी मौतों को स्वाइन फ्लू से जोड़कर रिपोर्ट किया है।अस्पतालों में 10-10 बेड आरक्षितबढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10-10 बेड आरक्षित कर दिए हैं। सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने और फ्लू कॉर्नर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।डॉ. शर्मा ने बताया कि सभी मरीजों को आइसोलेशन में रखकर इलाज किया जा रहा है और उनके संपर्क में आए लोगों की भी निगरानी की जा रही है।क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण?स्वाइन फ्लू एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो इंफ्लुएंजा H1N1 वायरस से फैलती है। इसके मुख्य लक्षण हैं:तेज बुखार, खांसी और गले में खराशनाक बहना, सिरदर्द और बदन दर्दसांस लेने में तकलीफ और थकानयह बीमारी खांसने-छींकने से एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलती है।बचाव के लिए क्या करें – CMO की अपीलमुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनता से अपील की है कि घबराएं नहीं, बल्कि इन सावधानियों का पालन करें:मास्क पहनें: भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क जरूर पहनें।हाथ धोएं: बार-बार साबुन से हाथ धोएं और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।भीड़ से बचें: बंद और भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।डॉक्टर से संपर्क: बुखार, खांसी, जुकाम के लक्षण दिखने पर खुद दवा न लें, तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लेकिन मानसून की नमी और बदलते मौसम के कारण वायरस तेजी से फैल रहा है, इसलिए बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। Post Views: 4 Post navigationउत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: तीन IAS समेत छह अफसरों के विभाग बदले, गृह-राजस्व-आवास में नई तैनाती मौसम अलर्ट और बंद सड़कें: उत्तराखंड में 4 जिलों में येलो अलर्ट, तवाघाट-लिपुलेख हाईवे बंद, 78 से ज्यादा मार्ग अवरुद्ध