Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून इस बार आफत बनकर बरस रहा है। एक तरफ मौसम विभाग ने राज्य के 4 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है तो दूसरी तरफ पहाड़ों में लगातार भूस्खलन से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी देहरादून से लेकर सीमांत जिला पिथौरागढ़ तक हर जगह बारिश ने तबाही मचा रखी है।4 जिलों में येलो अलर्ट: 1 सितंबर तक नहीं मिलेगी राहतभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून केंद्र ने आज 26 अगस्त के लिए देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में कहीं-कहीं 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।News18 Hindi की रिपोर्ट के अनुसार मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यह सिर्फ आज की बात नहीं है। राज्य में बारिश का यह सिलसिला 1 सितंबर तक जारी रहेगा। ETV Bharat और पंजाब केसरी की रिपोर्ट के अनुसार 30, 31 अगस्त और 1, 2 सितंबर को राज्य में बारिश और तेज हो सकती है। इस दौरान देहरादून, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने IMD की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक सावधानी बरतने, JCB और आपदा राहत टीमों को अलर्ट मोड पर रखने और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक राज्य में सामान्य से 12% अधिक 1143.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।हाईवे ब्लॉक: तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, चीन सीमा कटीबारिश की सबसे ज्यादा मार सीमांत जिले पिथौरागढ़ में पड़ी है। यहां महत्वपूर्ण तवाघाट-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण पूरी तरह बंद हो गया है। यह वही रणनीतिक सड़क है जो कैलाश मानसरोवर यात्रा को और भारत-चीन सीमा पर तैनात सेना को जोड़ती है।जागरण और अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार टनकपुर-तवाघाट हाईवे धारचूला से तवाघाट के बीच कूलागाड़ के पास और तवाघाट-लिपुलेख मार्ग मलघाट, छंकन और मालपा सहित कई जगहों पर बंद है। इसके अलावा तवाघाट-सोबला-तिदांग सीमा मार्ग पर 4 से 5 स्थानों पर भारी मलबा और बोल्डर आ गए हैं। मुनस्यारी-मिलम मार्ग भी बंद होने से दारमा, चौदास और व्यास घाटी की तीनों घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।लगातार मलबा गिरने से सीमा सड़क संगठन (BRO) के लिए सड़क खोलना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क बंद होने से व्यास घाटी के 7 गांवों के ग्रामीणों के साथ ही सेना, SSB और ITBP के जवानों को 5 किलोमीटर तक पैदल चलकर अपनी चौकियों तक पहुंचना पड़ रहा है। धारचूला बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि पहाड़ों से कोई वाहन नीचे नहीं आ पा रहा है।78 से अधिक संपर्क मार्ग बंद, कुमाऊं में 70 सड़कें ठपराज्य के अलग-अलग पहाड़ी हिस्सों में वर्तमान में 78 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हैं। अकेले कुमाऊं मंडल में 70 से अधिक सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं। इसमें पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग, घाट-पनार-गंगोलीहाट राष्ट्रीय राजमार्ग, थल-मुनस्यारी और चंपावत-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे भी शामिल हैं।अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में 7 नेशनल हाईवे समेत 184 मोटर मार्ग बंद हैं। पिथौरागढ़ में ही 31 ग्रामीण मोटर मार्ग और 4 बॉर्डर रोड बंद हैं। गढ़वाल में भी बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर कई जगहों पर मलबा आने से यातायात बाधित है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें लगातार सड़क खोलने में जुटी हैं लेकिन बारिश के कारण मलबा हटाते ही फिर से मलबा आ जा रहा है।स्कूल बंद और चारधाम यात्रा पर असरलगातार भारी बारिश को देखते हुए कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियातन स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखे गए हैं। चारधाम यात्रा भी कई जगहों पर रोक दी गई है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।प्रशासन की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचेंमौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है:खराब मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें।नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के किनारे न जाएं।यात्रा करनी ही पड़े तो मौसम का पूर्वानुमान देखकर और प्रशासन के संपर्क में रहकर ही निकलें।किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 112 और आपदा हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें।फिलहाल IMD का कहना है कि अगले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। Post Views: 3 Post navigationस्वास्थ्य अलर्ट: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का कहर, 49 केस – 5 की मौत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर उत्तराखंड में मॉनसून का तांडव : 52.4 मिमी औसत बारिश, देहरादून-पिथौरागढ़-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, नेपाल बाढ़ से शारदा नदी उफान पर – SDRF हाई अलर्ट