अधिवक्ता विशाल अग्रवाल से कथित मारपीट के विरोध में कोतवाली पहुंचे अधिवक्ता
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डोईवाला। साथी अधिवक्ता विशाल अग्रवाल और जूनियर अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में परवा दून बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता डोईवाला कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

अधिवक्ताओं के मुताबिक, साथी अधिवक्ता विशाल अग्रवाल द्वारा एक मामले में विधि सम्मत तरीके से कार्यवाही की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कथित रूप से मारपीट भी की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद साथी अधिवक्ताओं में रोष फैल गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ता डोईवाला कोतवाली पहुंच गए।

कोतवाली पहुंचकर अधिवक्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष पूरे मामले की जानकारी रखते हुए तहरीर दी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्य कर रहे थे। ऐसे में उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया जाना गंभीर मामला है। अधिवक्ताओं ने पुलिस से घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

इस दौरान परवा दून बार एसोसिएशन के सचिव मनोहर सैनी ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक और कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं तथा अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय उनके सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

उत्तराखंड बार कौंसिल के सदस्य रंजन सौलंकी ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ कानून हाथ में लेकर अभद्र व्यवहार या मारपीट की जाती है तो ऐसे मामले में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

अधिवक्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना है। उन्होंने पुलिस से उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच करने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो परवा दून बार एसोसिएशन इस संबंध में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा। फिलहाल पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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