Spread the loveदेहरादून/डोईवाला। देहरादून में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नदी, नाले और नहरें जानलेवा साबित हो रही हैं। राजधानी में अलग-अलग स्थानों पर पानी के तेज बहाव में बहने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इनमें एक हादसा रायपुर थाना क्षेत्र के बालावाला में हुआ, जो डोईवाला-रायपुर सीमा से सटा इलाका है।गूलरघाटी रोड पर नहर में बहा 10 वर्षीय बच्चाजानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर गूलरघाटी रोड, बालावाला क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान 10 वर्षीय बच्चा अचानक सिंचाई नहर में गिर गया। नहर में तेज बहाव होने के कारण बच्चा देखते ही देखते पानी में बह गया।पुलिस के अनुसार लापता बच्चे की पहचान केपी पुत्र सोनू लाल, उम्र 10 वर्ष, निवासी बालावाला के रूप में हुई। बताया गया कि बच्चा शारीरिक रूप से दिव्यांग था। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर का रहने वाला है और बालावाला क्षेत्र में मजदूरी करता है।घटना की सूचना 112 कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ तथा फायर ब्रिगेड की टीमों को बुलाया गया। इसके बाद नहर में बच्चे की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद 2 सितंबर की सुबह बच्चे का शव नहर से बरामद कर लिया गया। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।भारतीय वन्यजीव संस्थान परिसर में भी हुआ हादसादूसरी घटना पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान परिसर की है। यहां 12 वर्षीय सम्राट गोपी जीवी बारिश के दौरान नाले के तेज बहाव में बह गया था।बच्चे की तलाश के लिए पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और ड्रोन की मदद से भी सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी तलाश के बाद बच्चे का शव करीब 6 किलोमीटर दूर बडोवाला के पास बरसाती नदी से बरामद किया गया।बारिश में नदी-नालों से दूर रहने की अपीललगातार हो रही बारिश के कारण देहरादून जिले में नदी, नाले और नहरों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।एसएसपी देहरादून प्रमोद डोबाल ने लोगों से भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और नहरों के आसपास जाने से बचने की अपील की है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने को कहा है, जहां पानी का तेज बहाव हो सकता है।देहरादून पुलिस की ओर से नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को लाउड हेलर के माध्यम से लगातार सतर्क किया जा रहा है।डोईवाला में पहले भी हो चुका है दर्दनाक हादसाबरसात के दौरान नहरों में बच्चों के बहने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इससे पहले डोईवाला के माजरी ग्रांट में खेलते समय 2 वर्षीय मासूम सिंचाई नहर में गिर गया था। काफी तलाश के बाद बच्चे का शव खेत में बरामद हुआ था।खुली नहरें बनीं खतरा, सुरक्षा इंतजाम की मांगबालावाला में हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बरसात के मौसम में खुली सिंचाई नहरों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान नहरों में पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है, जिससे हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।बारिश के इस मौसम में एक बार फिर सवाल यही है—क्या संवेदनशील नहरों और बरसाती जलधाराओं के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं, या किसी और हादसे का इंतजार किया जा रहा है? Post Views: 2 Post navigationहाईकोर्ट की फटकार के बाद डोईवाला में भी हड़कंप: सिंगल-यूज प्लास्टिक पर गरजा प्रशासन का हंटर, 50 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती Dehradun T20 League 2026: अभिमन्यु अकादमी में भव्य शुभारंभ