Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में करीब तीन महीने से लापता छात्र मोहम्मद शारिक का कंकाल किमाड़ी-मसूरी मार्ग के जंगल में गहरी खाई से बरामद हुआ है। शारिक 17 जुलाई 2026 की रात से लापता था। 93 दिन बाद कंकाल और उसकी स्कूटी मिलने से मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने उसके साथ रहने वाले दोस्तों पर हत्या का संदेह जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय मोहम्मद शारिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट का रहने वाला था। वह देहरादून की Graphic Era University में बीएससी रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहा था और आजाद कॉलोनी में किराये के कमरे में रहता था। बताया गया है कि 17 जुलाई की रात वह स्कूटी लेकर कमरे से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। अगले दिन 18 जुलाई को पटेलनगर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लगातार तलाश के बावजूद शारिक का कोई पता नहीं चल पाया। हाल ही में पुलिस ने ड्रोन की मदद से किमाड़ी क्षेत्र के जंगल और गहरी खाई में तलाश की। इस दौरान कंकाल और स्कूटी बरामद हुई। मौके पर मिले कपड़ों और स्कूटी के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान शारिक के रूप में की। साथियों पर संदेह, जांच में जुटी पुलिस परिजनों ने शारिक के साथ किराये के कमरे में रहने वाले उसके दो साथियों पर हत्या का संदेह जताया है। हालांकि, इस मामले में हत्या की पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शारिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। कंकाल को पोस्टमॉर्टम और आवश्यक चिकित्सकीय जांच के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया। पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि के लिए DNA सैंपल भी लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। करीब तीन महीने तक लापता रहे छात्र का कंकाल मिलने के बाद परिवार को अब जांच से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई आपराधिक घटना हुई थी। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 10 Post navigation उत्तराखंड में खुली मिठाइयों पर लिखनी होगी निर्माण और एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम हरिद्वार में बुजुर्ग होटल मालिक दंपति से ₹50 लाख की ठगी, पुलिस और ED अधिकारी बनकर किया Digital Arrest