Spread the loveनई दिल्ली। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगी है। 2 नवंबर 2026 को दिल्ली और नोएडा के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बीच पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी चर्चा में हैं। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए अदालत ने दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त व्यवस्था लागू रखने पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाले अतिरिक्त वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना है। सुप्रीम कोर्ट ने दी सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखों की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने 8 नवंबर को दीपावली को देखते हुए दिल्ली-NCR में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की सीमित अनुमति दी है। अदालत के निर्देशों के अनुसार: 7 और 8 नवंबर: सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। ग्रीन पटाखे अनिवार्य: केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की अनुमति होगी। बेरियम वाले पटाखों पर रोक: बेरियम युक्त और अप्रमाणित पारंपरिक पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। 300 मीटर का प्रतिबंधित क्षेत्र: अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं जलाए जा सकेंगे। 9 नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध: निर्धारित दो दिनों की अनुमति समाप्त होने के बाद पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा। क्या होते हैं ग्रीन पटाखे? ग्रीन पटाखे ऐसे पटाखे हैं जिन्हें सामान्य पटाखों की तुलना में कम उत्सर्जन करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इनकी पहचान के लिए CSIR-NEERI का प्रमाणन महत्वपूर्ण है। खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को पैकेट पर प्रमाणन और QR कोड की जांच करनी चाहिए। केवल ग्रीन नाम लिखे होने से कोई पटाखा प्रमाणित नहीं माना जा सकता। बेरियम युक्त पटाखों की अनुमति नहीं है। दिल्ली के किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण? 2 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे उपलब्ध निगरानी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 300 से ऊपर दर्ज किया गया। क्षेत्र AQI जहांगीरपुरी 435 रोहिणी 413 पंजाबी बाग 411 बवाना 381 आरके पुरम 379 आनंद विहार 273 स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान एवं वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के 2 नवंबर के निगरानी आंकड़े। प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-2 लागू दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता बिगड़ने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं। दिल्ली-NCR में बढ़ता वायु प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष चिंता का विषय है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और दीपावली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल पर प्रदूषण का स्तर निर्भर करेगा। रिपोर्ट: अजय सेमल्टी / HIMALAYAVANI Post Views: 5 Post navigation ISRO ने लॉन्च किया नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03, स्वदेशी NavIC प्रणाली को मिलेगी मजबूती अग्निवीरों को बड़ी राहत, 75% जवानों को मिलेगा 2 साल का सेवा विस्तार