सरकार ने अग्निपथ योजना में एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी देते हुए पहले बैच के 75% अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल को 2 साल का विस्तार देने का बड़ा फैसला किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया है कि अग्निपथ योजना बंद नहीं हो रही है, बल्कि इसे अधिक प्रभावी और भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए यह संशोधन किया गया है। इस बड़े फैसले और सीडीएस के बयान से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं: कैबिनेट के फैसले के मुख्य बिंदु • 2 साल का सेवा विस्तार: पहले बैच का कार्यकाल समाप्त होने के करीब आने पर, केंद्र सरकार ने 75% अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल को 2 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। • योजना में संशोधन: यह निर्णय अग्निपथ योजना में अब तक का सबसे बड़ा व्यावहारिक संशोधन माना जा रहा है, जो अग्निवीरों के भविष्य और सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का स्पष्टीकरण • योजना जारी रहेगी: सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है कि योजना को बंद किया जा रहा है। • आधुनिकीकरण पर जोर: उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना निरंतर जारी रहेगी ताकि भारतीय सेना को अधिक आधुनिक, युवा और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार (भविष्य के अनुकूल) बनाया जा सके। यदि आप इस फैसले के बारे में और विस्तार से जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं: • क्या आप जानना चाहते हैं कि इस फैसले से सैलरी, भत्तों और ग्रेच्युटी पर क्या असर पड़ेगा? • क्या आप शेष 25% अग्निवीर परमानेंट (स्थायी) होने की प्रक्रिया में आ रहे किसी बदलाव के बारे में जानना चाहते हैं?
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए अग्निवीरों के सेवा कार्यकाल में दो साल के अतिरिक्त विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत पहले बैच के उन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा, जिन्हें मूल योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए इसकी पुष्टि की।

इस फैसले से उन हजारों अग्निवीरों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा होने वाला है। अब उन्हें सेना में अपनी सेवा जारी रखने के लिए दो साल का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। इस दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।

75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगा दूसरा अवसर

सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की व्यवस्था के अनुसार योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अब दो साल की दूसरी सेवा अवधि का प्रस्ताव दिया जाएगा।

इस अतिरिक्त अवधि के पूरा होने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का एक और अवसर मिलेगा। इसके लिए अग्निवीरों की इच्छा और निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को आधार बनाया जाएगा। यानी दो साल का विस्तार मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी अग्निवीर स्वतः स्थायी सैनिक बन जाएंगे।

अग्निपथ योजना बंद नहीं होगी

सीडीएस ने अग्निपथ योजना को बंद किए जाने की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना जारी रहेगी और इसे सेना की जरूरतों तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बेहतर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है और उनके कामकाज को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी अनुभव और समीक्षा के आधार पर सशस्त्र बलों ने अतिरिक्त सेवा अवधि की सिफारिश की थी, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।

दिसंबर में पूरा होने वाला था पहले बैच का कार्यकाल

अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। मूल व्यवस्था में अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में बनाए रखने और शेष 75 प्रतिशत को चार साल बाद सेवा से मुक्त करने का प्रावधान था।

पहले बैच के लगभग 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल वर्ष 2026 के अंत तक पूरा होने वाला था। ऐसे समय में सरकार का यह फैसला अग्निपथ योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे अग्निवीरों को सैन्य सेवा में अधिक समय बिताने और नियमित सशस्त्र बलों में चयन का एक अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

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