Spread the loveदेहरादून। दिवाली, भाईदूज और छठ पर्व के बाद उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। त्योहार मनाकर अपने कामकाज और घरों को लौट रहे लोगों को बसों की कमी के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून और हल्द्वानी के प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने से पर्वतीय जिलों और मैदानी शहरों के लिए बसों में सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। देहरादून के आईएसबीटी (ISBT) और हल्द्वानी बस स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से परिवहन व्यवस्था पर दबाव दिखाई दे रहा है। गढ़वाल और कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में जाने वाले यात्रियों के साथ ही दिल्ली, गुरुग्राम और लखनऊ जैसे शहरों की ओर जाने वाले लोगों को भी बसों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पर्वतीय रूटों पर सबसे ज्यादा परेशानी हल्द्वानी से पिथौरागढ़, बागेश्वर, मुनस्यारी और धारचूला जैसे पर्वतीय क्षेत्रों के लिए नियमित बस सेवाओं में यात्रियों की संख्या बढ़ने से सीटों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। बस स्टेशन पर पहुंचते ही कई बसें यात्रियों से भर जा रही हैं। ऐसे में बाद में पहुंचने वाले लोगों को अगली बस का इंतजार करना पड़ रहा है। इसी तरह देहरादून से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हो रही है। त्योहारों के बाद नौकरी, पढ़ाई और अन्य कामकाज के लिए लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से बसों में जगह मिलना चुनौती बन गया है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ी मुश्किलें बसों की कमी के बीच यात्रियों को कई घंटे तक बस अड्डों पर इंतजार करना पड़ रहा है। सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन रही है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को हो रही है। सरकारी बसों में सीट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को निजी टैक्सी और अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप हैं कि कुछ निजी वाहन संचालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूल रहे हैं। इससे आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। परिवहन निगम के सामने अतिरिक्त बसों की चुनौती त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के सामने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। भीड़ वाले मार्गों पर बसों के अतिरिक्त फेरे लगाने और उपलब्ध वाहनों का बेहतर इस्तेमाल करने की जरूरत है। यात्रियों का कहना है कि त्योहारों के बाद हर साल इसी तरह की समस्या सामने आती है। इसके बावजूद पर्वतीय रूटों पर पर्याप्त बसों की व्यवस्था नहीं हो पाती। लोगों ने परिवहन निगम से मांग की है कि देहरादून और हल्द्वानी से पर्वतीय जिलों के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएं, ताकि यात्रियों को घंटों इंतजार न करना पड़े। स्थायी व्यवस्था की जरूरत उत्तराखंड में त्योहारों के दौरान और उनके बाद यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि होना कोई नई बात नहीं है। ऐसे में परिवहन निगम को पहले से विशेष कार्ययोजना तैयार करने की जरूरत है। पर्वतीय रूटों के लिए पर्याप्त बसें सुरक्षित रखने, अतिरिक्त फेरे लगाने और बस अड्डों पर यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल यात्रियों की मांग है कि परिवहन विभाग भीड़ वाले मार्गों पर तत्काल अतिरिक्त बसों का संचालन सुनिश्चित करे, जिससे लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। HIMALAYAVANI | उत्तराखंड Post Views: 5 Post navigation Uttarkashi Accident: भागीरथी नदी में गिरी इनोवा, 4 की मौत, 2 महिलाएं लापता Dehradun Traffic Plan: अमित शाह की जनसभा और धनतेरस पर बदलेगा ट्रैफिक रूट, डोईवाला से आने वाले यात्री रहें सावधान