Spread the loveदेहरादून। राजधानी देहरादून में मानसून के साथ ही स्वाइन फ्लू (H1N1) ने खतरनाक रफ्तार पकड़ ली है। अगस्त महीने में अब तक जिले में कुल 49 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। मौत का आंकड़ा सामने आते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अस्पतालों में भीड़ जैसी कोई स्थिति नहीं है।मौतों की वजह – को-मॉर्बिडिटीCMO डॉ. शर्मा के अनुसार, जिन 5 मरीजों की जान गई है, वे सभी पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। उन्हें शुगर, हृदय रोग, अस्थमा जैसी को-मॉर्बिडिटी थी, जिसके चलते H1N1 संक्रमण जानलेवा साबित हुआ। स्वस्थ व्यक्तियों में यह वायरस सामान्य फ्लू की तरह ही ठीक हो रहा है।सबसे खतरनाक संकेत – लोकल ट्रांसमिशन शुरूस्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे चिंताजनक बात ये है कि संक्रमित पाए गए अधिकांश मरीजों की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं मिली है। इसका मतलब साफ है कि वायरस अब बाहरी नहीं बल्कि शहर के भीतर ही फैल रहा है।कुल केस – 49देहरादून शहर से – 34 केसग्रामीण/बाहरी इलाकों से – 15 केसIDSP (एकीकृत रोग निगरानी परियोजना) की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।अस्पतालों की तैयारी – दून मेडिकल कॉलेज में फुल तैयारीस्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को SOP जारी कर दिया है।दून मेडिकल कॉलेज सहित सभी अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड, PPE किट, N-95 मास्क का पर्याप्त स्टॉक।स्वाइन फ्लू की मुख्य दवा ‘ओसेल्टामिविर’ (Oseltamivir) का स्टॉक हर अस्पताल में उपलब्ध।हर अस्पताल में अलग फ्लू क्लिनिक और आइसोलेशन वार्ड अनिवार्य।यदि एक क्षेत्र में 4 या उससे अधिक केस मिलते हैं तो रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) तुरंत मौके पर पहुंचकर स्क्रीनिंग करेगी।अनिवार्य टेस्टिंग के निर्देशCMO ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि –बुखार, खांसी-जुकाम (ILI) वाले कम से कम 5% मरीजों की RT-PCR जांच जरूरी।गंभीर श्वसन संक्रमण (SARI) के 100% मरीजों की RT-PCR जांच जरूरी।स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या हैं?यह एक संक्रामक श्वसन रोग है जो नमी में तेजी से फैलता है।तेज बुखार और ठंड लगनालगातार खांसी और गले में खराशअत्यधिक थकान, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्दकुछ मामलों में उल्टी और दस्तबचाव कैसे करें? – स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरीमास्क अनिवार्य: भीड़भाड़ वाली जगह और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में मास्क पहनें।दूरी बनाए रखें: बीमार व्यक्ति से दूरी रखें।हाइजीन: खांसते-छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें, हाथ साबुन से धोते रहें।हाई-रिस्क ग्रुप सावधान: बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अस्थमा-शुगर के मरीज विशेष ध्यान रखें। खुद से दवा न लें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। Post Views: 3 Post navigationभाजपा उत्तराखंड में संगठनात्मक सर्जरी: महेंद्र भट्ट की सहमति से 8 नए प्रदेश प्रवक्ताओं की नियुक्ति, 2027 का एजेंडा सेट उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: तीन IAS समेत छह अफसरों के विभाग बदले, गृह-राजस्व-आवास में नई तैनाती