Spread the loveरुद्रपुर। सब-हेडलाइन: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निजी स्कूल के कार्यक्रम में आए थे, पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देकर रोका; ठुकराल बोले- विरोध नहीं, सिर्फ अस्पताल की बदहाली दिखानी थीरुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)। जिला अस्पताल की खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाना पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को उस वक्त भारी पड़ गया, जब वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन देने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया, जिससे जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है।पूरा घटनाक्रम – सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तकरुद्रपुर का जिला अस्पताल तराई का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यहां रोजाना 800 से 1000 मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन अस्पताल में स्वीकृत 32 डॉक्टरों में से करीब 12-14 पद महीनों से खाली पड़े हैं। सर्जन, फिजिशियन, महिला रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ न होने से गंभीर मरीजों को हल्द्वानी या बरेली रेफर कर दिया जाता है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल लगातार आवाज उठा रहे थे।बुधवार 27 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रपुर में एक निजी स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। ठुकराल ने तय किया कि वह इसी मौके पर मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत से जुड़ा ज्ञापन सौंपेंगे।दोपहर करीब 12:30 बजे ठुकराल अपने 30-40 समर्थकों और कुछ स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल गेट से हाथ में ज्ञापन लेकर पैदल कलेक्ट्रेट की ओर निकले। जैसे ही वह गांधी पार्क के पास पहुंचे, पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। पुलिस का कहना था कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल के आसपास धारा 163 लागू है और बिना पूर्व अनुमति के किसी भी तरह के जुलूस या ज्ञापन कार्यक्रम की इजाजत नहीं है।सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके साथियों को एहतियातन हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। करीब दो घंटे तक हिरासत में रखने के बाद उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।पुलिस क्या कह रही है?कोतवाली प्रभारी के अनुसार, “यह कोई आपराधिक गिरफ्तारी नहीं थी। यह एक निवारक कार्रवाई थी। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान बिना अनुमति भीड़ जुटने से सुरक्षा में चूक हो सकती थी। इसलिए उन्हें एहतियातन रोका गया। किसी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।”पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का बयानहिरासत के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में राजकुमार ठुकराल ने कहा, “मेरा इरादा किसी भी सूरत में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बाधा डालना या विरोध-प्रदर्शन करना नहीं था। मैं न काले झंडे दिखा रहा था, न नारेबाजी कर रहा था। मेरे हाथ में सिर्फ एक कागज था – जिला अस्पताल की बदहाली का ज्ञापन। मैं सिर्फ यह बताना चाहता था कि रुद्रपुर की जनता इलाज के बिना तड़प रही है। अगर जनहित की बात रखना गुनाह है तो मैं यह गुनाह बार-बार करूंगा।”जिला अस्पताल की जमीनी हकीकत क्या है?अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, यहां अल्ट्रासाउंड के लिए सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट है, रात की इमरजेंसी अक्सर जूनियर डॉक्टरों के भरोसे चलती है। महिला वार्ड में गायनोकोलॉजिस्ट की कमी से प्रसूताओं को प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है। ठुकराल समर्थकों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने पदों को नहीं भरा।राजनीतिक बयानबाजी तेजइस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र में आवाज दबाने की कोशिश” बताया है, जबकि भाजपा खेमे का कहना है कि पूर्व विधायक ने एक शैक्षिक कार्यक्रम को राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की।जरूरी स्पष्टीकरणसोशल मीडिया पर इस घटना को देहरादून के डालनवाला में पति द्वारा पत्नी की हत्या की घटना से जोड़कर “मामूली विवाद में पत्नी की हत्या के मामले में पूर्व विधायक हिरासत में” जैसी भ्रामक हेडलाइन चलाई जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि डालनवाला हत्याकांड का आरोपी रामजी पाल है और उसका पूर्व विधायक ठुकराल की हिरासत से कोई संबंध नहीं है। दोनों पूरी तरह अलग-अलग मामले हैं। Post Views: 6 Post navigationउत्तराखंड में मॉनसून का तांडव : 52.4 मिमी औसत बारिश, देहरादून-पिथौरागढ़-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट, नेपाल बाढ़ से शारदा नदी उफान पर – SDRF हाई अलर्ट नेपाल में ग्लेशियर फटने से शारदा में बाढ़ के बाद उत्तराखंड अलर्ट: सीएम धामी ने दिए ग्लेशियर झीलों की सैटेलाइट मॉनिटरिंग और अर्ली वार्निंग सिस्टम के कड़े निर्देश