Spread the loveदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आफत बनकर बरस रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने आज 22 अगस्त के लिए प्रदेश के 7 से अधिक जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी रखा है। जिन जिलों में अलर्ट है उनमें देहरादून, टिहरी, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली शामिल हैं। विभाग ने 22 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है।मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़ में तीव्र बौछार के साथ भारी बारिश की आशंका है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।बागेश्वर में 9 मुख्य मोटर मार्ग पूरी तरह ठपलगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बागेश्वर जिले की रफ्तार रोक दी है। जिले में 9 मुख्य मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं, जिससे कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। PWD और प्रशासन की टीमें जेसीबी लेकर सड़क खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार मलबा गिरने से काम में बाधा आ रही है।देहरादून-मसूरी मार्ग पर सुरक्षा दीवार ढही, भारी वाहनों पर रोकराजधानी देहरादून से सटे सबसे व्यस्त पर्यटक मार्ग देहरादून-मसूरी मार्ग पर ‘पानीवाला बैंड’ के पास बड़ी सुरक्षा दीवार ढह गई। इसके चलते प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। छोटे वाहनों को भी संभलकर चलने की हिदायत दी गई है।सबसे खतरनाक तस्वीर धारचूला से – पोकलेन के बकेट में बैठकर पार किया नालासोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने सिस्टम की पोल खोल दी है। धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर ‘कूला गाड’ के पास बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। वैकल्पिक व्यवस्था न होने से ग्रामीण और यात्री जान जोखिम में डालकर पोकलेन मशीन के बकेट में बैठकर उफनते नाले को पार करने को मजबूर हैं। एक छोटी सी चूक बड़े हादसे को दावत दे सकती है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अस्थायी पुल बनाने की मांग की है।प्रशासन ने की अपीलजिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना बेहद जरूरी काम के पहाड़ी सफर से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और मौसम अपडेट देखकर ही घर से निकलें। Post Views: 7 Post navigationदेहरादून में वोटर लिस्ट की सबसे बड़ी सर्जरी: 11.90 लाख की मैपिंग पूरी, 5.47 लाख को नोटिस, 96 हजार डबल वोटर पकड़े उत्तराखंड में बारिश का कहर: 7 जिलों में Yellow Alert, तमसा नदी उफान पर; 80 से ज्यादा सड़कें बंद