खानपुर विधायक उमेश कुमार का इस्तीफा, कांग्रेस पर बरसे
Spread the love

गैरसैंण। उत्तराखंड की राजनीति में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे से हलचल तेज हो गई है। गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे सत्र के दौरान उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को अपना त्यागपत्र सौंपा। उनके इस कदम के बाद इस्तीफे के कारणों और प्रदेश में उनकी आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

विपक्ष के रवैये से नाराजगी

उमेश कुमार ने अपने इस्तीफे के पीछे विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के रवैये से निराशा को प्रमुख वजह बताया। उनका आरोप है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने किसानों की फसल बर्बादी, इकबालपुर चीनी मिल के गन्ना भुगतान, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े कई मुद्दे विधानसभा में उठाए, लेकिन जरूरत पड़ने पर विपक्षी विधायकों ने उनका अपेक्षित समर्थन नहीं किया।

उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के आंदोलनों और धरनों में साथ खड़े रहे, लेकिन जब उनके क्षेत्र के किसानों और आम जनता के मुद्दों पर समर्थन की जरूरत पड़ी, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि क्रांतिकारी हमेशा पड़ोसी के घर में ही पैदा होने चाहिए।

भाजपा-कांग्रेस में जाने से किया इनकार

इस्तीफे के बाद अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट करते हुए उमेश कुमार ने भाजपा और कांग्रेस, दोनों में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया। उनके मुताबिक, अब उनका ध्यान अपनी राजनीतिक पार्टी जन निर्माण पार्टी को मजबूत करने पर रहेगा।

उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने, युवाओं के रोजगार और जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की बात कही है। हालांकि, उनकी पार्टी की आगामी चुनावी रणनीति और संगठनात्मक विस्तार को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

उमेश कुमार के इस्तीफे को लेकर विपक्षी खेमे से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा की राजनीतिक रणनीति हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानीय नेताओं ने दावा किया कि उमेश कुमार के खिलाफ दलबदल कानून के तहत शिकायत लंबित थी और इसी वजह से उन्होंने इस्तीफे का रास्ता चुना।

ये आरोप राजनीतिक पक्षों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। उमेश कुमार के इस्तीफे को दलबदल संबंधी शिकायत से जोड़ने के दावे पर भी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

विधानसभा सचिवालय करेगा नियमानुसार कार्रवाई

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को सौंपे गए त्यागपत्र को विधिक परीक्षण और नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए विधानसभा सचिवालय भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इस्तीफा स्वीकार होने और खानपुर विधानसभा सीट की स्थिति पर अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

इस घटनाक्रम ने हरिद्वार जिले की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी नजरें विधानसभा सचिवालय की कार्रवाई और उमेश कुमार की आगामी राजनीतिक रणनीति पर टिकी हैं।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी | HIMALAYAVANI

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *