Spread the loveहरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में साधु-संतों का भेष धारण कर कथित रूप से लोगों को गुमराह करने वाले 17 व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर हरिद्वार पुलिस ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की। इस अभियान का उद्देश्य धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना तथा लोगों को कथित ठगी से बचाना बताया गया है। साधु के भेष में लोगों को गुमराह करने का आरोप प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए व्यक्तियों पर साधु-संतों का भेष धारण कर श्रद्धालुओं से संपर्क करने और उनकी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान करने के नाम पर पैसे मांगने के आरोप हैं। बताया गया है कि घरेलू विवाद, बीमारी और अन्य परेशानियों से जूझ रहे लोगों को तांत्रिक उपायों से समाधान दिलाने का भरोसा देकर रकम लेने की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि के लिए पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और दर्ज मामलों का विवरण देखना आवश्यक है। पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सभी व्यक्तियों के खिलाफ ठगी का अपराध साबित होना अलग विषय है। किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने का निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन कालनेमि’ का संदर्भ उत्तराखंड में पुलिस समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों, धोखाधड़ी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अभियान चलाती रही है। ‘ऑपरेशन कालनेमि’ को धार्मिक वेश धारण कर लोगों को कथित रूप से गुमराह करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई से जोड़ा गया है। वहीं, इस मामले में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि पुलिस ने पकड़े गए व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 172(2) के तहत कार्रवाई की। इस धारा का संबंध पुलिस के वैध निर्देशों के पालन से है। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि केवल इस धारा के तहत कार्रवाई का उल्लेख अपने आप में ठगी का आरोप सिद्ध नहीं करता। वास्तविक कानूनी स्थिति पुलिस के आधिकारिक बयान और संबंधित दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी। श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी व्यक्ति के दावों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। बीमारी, पारिवारिक विवाद या अन्य व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के नाम पर बड़ी रकम मांगने वाले लोगों से सतर्क रहना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति धमकी देकर पैसे मांगता है या धोखाधड़ी करता है, तो इसकी सूचना पुलिस को दी जा सकती है। हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मे Post Views: 8 Post navigation हरिद्वार में होमगार्ड भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्रों का संदेह, 20 अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त खानपुर विधायक उमेश कुमार का इस्तीफा, कांग्रेस पर बरसे