नवंबर के पहले दिन महंगा हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, ATF के दाम भी बढ़े; घरेलू रसोई गैस की कीमत स्थिर
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नई दिल्ली। महीने की पहली तारीख को सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन की नई कीमतें जारी कर दी हैं। रविवार, 1 नवंबर 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹10 की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम भी ₹1.37 प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कमर्शियल सिलेंडर अब ₹2,820 का

तेल कंपनियों के नए मूल्य निर्धारण के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹10 बढ़कर ₹2,820 हो गई है। इससे पहले 1 अक्टूबर को भी इस सिलेंडर की कीमत में ₹62.50 की बढ़ोतरी की गई थी।

कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कैटरिंग कारोबार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। लगातार कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से इन व्यवसायों की परिचालन लागत पर असर पड़ सकता है।

लगातार चौथे महीने बढ़े विमान ईंधन के दाम

हवाई यात्रा से जुड़ी कंपनियों के लिए भी नवंबर की शुरुआत महंगाई के साथ हुई है। ATF की कीमत ₹137.12 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹138.50 प्रति लीटर कर दी गई है। यह लगातार चौथा महीना है, जब विमान ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं।

इससे पहले अगस्त में ₹5 प्रति लीटर, सितंबर में ₹6.28 प्रति लीटर और अक्टूबर में ₹16 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

विमान ईंधन एयरलाइंस की परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतों से विमानन कंपनियों के खर्च पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि हवाई टिकटों की कीमतों में तत्काल कितनी बढ़ोतरी होगी, यह एयरलाइंस की व्यावसायिक नीतियों और अन्य लागतों पर निर्भर करेगा।

घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को राहत

कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने के बावजूद घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹942 पर स्थिर रखी गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर का असर

तेल कंपनियां प्रत्येक महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों और रुपये-डॉलर की विनिमय दर में बदलाव के आधार पर एलपीजी और ATF की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों के कारण कीमतों में अंतर भी हो सकता है।

नवंबर की शुरुआत में कमर्शियल गैस और विमान ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट और विमानन क्षेत्र के खर्च पर देखने को मिल सकता है। वहीं घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने से आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है।

रिपोर्ट: अजय सेमल्टी | हिमालयवाणी

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