SIR पर नया बवाल: उत्तराखंड स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक गरमाहट तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के नाम पर आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरा है
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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब हरिद्वार जिले की पिरान कलियर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद के नाम को लेकर नया मामला सामने आया है। विधायक के मुताबिक, उनका नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज कराई गई है।

विधायक के नाम पर किसने दर्ज कराई आपत्ति?

कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद का कहना है कि वह पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या 126 के पंजीकृत मतदाता हैं। उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए मोहम्मद फुरकान नाम के व्यक्ति की ओर से आपत्ति दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई।

मामले में उस व्यक्ति से संपर्क किए जाने पर उसने कथित तौर पर विधायक के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने से इनकार कर दिया। विधायक के अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने अपने पक्ष में शपथ पत्र तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी प्रस्तुत किया है।

1700 से ज्यादा आपत्तियों का दावा

फुरकान अहमद ने अपने विधानसभा क्षेत्र में SIR प्रक्रिया के दौरान 1,700 से अधिक आपत्तियां दर्ज होने का दावा किया है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में दाखिल आपत्तियों की सत्यता की जांच जरूरी है।

कांग्रेस का कहना है कि यदि एक निर्वाचित विधायक के नाम को हटाने के लिए ऐसी आपत्ति सामने आ सकती है, तो आम मतदाताओं के नामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि निर्वाचन अधिकारियों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही होगी।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नामों को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

कांग्रेस का कहना है कि यदि आपत्तियां फर्जी तरीके से दाखिल की गई हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्वाचन आयोग और प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

उत्तराखंड में SIR को लेकर कांग्रेस इससे पहले भी आपत्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठा चुकी है। कांग्रेस ने दावा किया था कि कुछ फॉर्म-7 में दर्ज आपत्ति करने वालों के मोबाइल नंबर दिल्ली, बरेली और गाजियाबाद जैसे शहरों से जुड़े मिले। हालांकि, संबंधित वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

जिला प्रशासन की ओर से SIR की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है। देहरादून जिला प्रशासन ने SIR-2026 के लिए अलग पोर्टल पर कार्यक्रम, अधिकारियों की सूची और मतदाता संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं।

अब जांच पर टिकी निगाहें

फुरकान अहमद के नाम पर दर्ज आपत्ति का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि यह सीधे एक निर्वाचित विधायक के मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ा है। अब निगाहें निर्वाचन अधिकारियों की जांच पर हैं कि आपत्ति किसने और किस आधार पर दर्ज की, फॉर्म में दर्ज विवरण सही हैं या नहीं और संबंधित व्यक्ति की सहमति वास्तव में ली गई थी या नहीं।

फिलहाल कांग्रेस के आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक तस्वीर निर्वाचन अधिकारियों की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।